NEFT क्या है | जानिए NEFT Full Form, उपयोग, महत्व, फायदे | NEFT की सम्पूर्ण जानकारी

आज हम इस आर्टिकल में NEFT के बारे में सीखेंगे। NEFT क्या है? (What is NEFT in Hindi), NEFT का फुल फॉर्म क्या है? इसका उपयोग कैसे करें? इसके फायदे और महत्व? NEFT कैसे काम करता है? इसका उपयोग क्या है? आदि। NEFT की सम्पूर्ण जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिल जाएगी। 
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NEFT क्या है?

NEFT एक बैंकिंग पेमेंट सिस्टम सर्विस है, जिसके जरिये एक बैंक अकाउंट से दुसरे बैंक अकाउंट में पैसे भेजे जा सकते है। इसके माध्यम से किसी भी बैंक का खाताधारक, दुसरे बैंक के खाताधारक को पैसे ट्रान्सफर कर सकते है। 
यह सेवा आज के समय में लगभग भारत के सभी बैंकों में उपलब्ध है। जिस बैंक में यह सुविधा उपलब्ध होगी, उस बैंक के खाताधारक इसका उपयोग कर सकते है और ऑनलाइन पैसे ट्रान्सफर करने का लाभ उठा सकते है। 
NEFT को Institute for Development and Research in Banking Technology (IDRBT) द्वारा नवम्बर 2005 में शुरू किया गया था। IDRBT एक इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट है जिसे रिज़र्व बैंक द्वारा 1996 में बनाया गया है। 
इसलिए यह कहना सही होगा कि NEFT रिज़र्व बैंक द्वारा शुरू किया गया सेवा है। एनईएफटी एक ऑनलाइन पेमेंट इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर सिस्टम है। यह IMPS (Immediate Payment System) की तरह real-time में नहीं बल्कि hourly batches में पैसे ट्रान्सफर करता है। 
आज भारत में यह सेवा IMPS के बाद सबसे ज्यादा उपयोग में है। लगभग भारत के सभी बैंक अपने उपभोक्ताओं को इस सेवा का लाभ प्रदान कर रही है। जैसे :- बैंक ऑफ़ बड़ोदा, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, एक्सिस बैंक, यूनाइटेड बैंक, केनरा बैंक, ICICI बैंक, HDFC बैंक, IDBI बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आदि। 

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर (एनईएफटी) भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बनाया गया एक इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर सिस्टम है। बैंकिंग प्रौद्योगिकी में विकास और अनुसंधान संस्थान द्वारा इसका रखरखाव किया जाता है। यह भारत में बैंक ग्राहकों को किसी भी दो एनईएफटी सक्षम बैंक खातों के बीच फण्ड ट्रान्सफर करने में सक्षम बनाता है। यह इलेक्ट्रॉनिक संदेशों के माध्यम से किया जाता है।  – विकिपीडिया

भारत के सभी NEFT Enabled Bank के खाताधारक इस सेवा का इस्तेमाल कर के पैसे को एक अकाउंट से दुसरे अकाउंट बहुत आसानी से ट्रान्सफर कर सकते है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक संदेशों का उपयोग किया जाता है। यह आईएमपीएस की तरह रियल टाइम के आधार पर फण्ड ट्रान्सफर नहीं करती है। 
यह सुबह 8 बजे से शाम 7:30 बजे के बीच 23 settlement में काम करती है। इसमें फण्ड ट्रान्सफर हर आधे घंटे के batch के रूप में किया जाता है। हर महीने के रविवार, दुसरे और चौथे शनिवार और इसके अलावा त्योहारों के दिनों में NEFT के द्वारा फण्ड ट्रान्सफर नहीं किया जा सकता है। 

NEFT का फुल फॉर्म क्या है?

NEFT का फुल फॉर्म “नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर” होता है। 
NEFT – National Electronic Fund Transfer

NEFT Full Form in Hindi

एनईएफटी का पूरा नाम हिन्दी में “राष्ट्रिय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण” होता है। 
एनइएफटी – राष्ट्रिय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण

NEFT के फायदे क्या है?

  • इसके द्वारा पैसे ट्रान्सफर करना बहुत आसान और सुरक्षित है। 
  • इसके द्वारा पैसे ट्रान्सफर करने पर बहुत कम चार्जेज लगते है, जो की ना के बराबर होती हैं। 
  • इसमें 24 घंटे के अंदर पैसे ट्रान्सफर ना होने की स्थिति में पूरे पैसे आपके अकाउंट में वापस आ जाते है। 
  • एनईएफटी के द्वारा पैसे प्राप्त करने वाले व्यक्ति को कोई चार्ज नहीं देना है। 
  • एनईएफटी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है। 
  • ऑनलाइन एनईएफटी करने पर आपको बैंक जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने घर से ही ऑनलाइन एनईएफटी करके पैसे ट्रान्सफर कर सकते है। 
  • इसके माध्यम से कोई भी कंपनी या संस्थान आसानी से एक अकाउंट से दुसरे अकाउंट में पैसे ट्रान्सफर कर सकते है। 

NEFT कैसे काम करता है?

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर की सुविधा 2 तरीके से ग्राहकों को प्रदान की जाती है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीको से उपभोक्ता इस सेवा का उपयोग कर सकते है। चलिए जानते है ऑनलाइन एनईएफटी और ऑफलाइन एनईएफटी दोनों कैसे काम करते है। 
ऑनलाइन एनईएफटी के द्वारा पैसे ट्रान्सफर करने के लिए उपभोक्ता को सबसे पहले अपने अकाउंट में इन्टरनेट बैंकिंग activate कराना होगा। जिसके बाद वो इस सेवा का उपयोग ऑनलाइन कर सकता है। इसके अलावा कुछ बैंक ऐसे है जो अपने ग्राहकों को ATM के जरिये भी इस सेवा का लाभ प्रदान कर रहे है। यानी एटीएम के द्वारा भी उपभोक्ता एनईएफटी कर सकता है। 
इसके द्वारा पैसे ट्रान्सफर करने के लिए सबसे पहले आपके पास beneficiary की बैंक डिटेल्स होनी चाहिए। जैसे :- बैंक का नाम, खाताधारक का नाम, अकाउंट नंबर, ब्रांच का नाम, अकाउंट टाइप, IFSC Code, आदि। सभी बैंक डिटेल्स दर्ज करने के बाद सबमिट करके जानकारी बैंक को भेजना होता है। 
जिसके बाद उपभोक्ता द्वारा दिए गए जानकारी को बैंक, सन्देश के रूप में तैयार कर के pooling center भेजता है, जिसे NEFT Service Center भी कहा जाता है। इसके बाद pooling center द्वारा उस सन्देश को NEFT Clearing Center भेजा जाता है। ताकि उस सन्देश को अगले उपलब्ध batch के लिए शामिल किया जा सकें। इसके भारतीय रिज़र्व बैंक की नेशनल क्लीयरिंग सेल चलाती है, जिसका कार्यालय मुंबई में है। 
इसके बाद क्लीयरिंग सेण्टर, सभी फंड्स को डेस्टिनेशन बैंक के अनुसार छांटता है। इसके बाद sender के बैंक से फण्ड प्राप्त करके receiver बैंक को भेजने के लिए receiving entries को तैयार करता है। इसके बाद एक-एक करके receiver बैंक को मेसेज फॉरवर्ड किया जाता है। जिसके बाद receiver बैंक क्लीयरिंग सेण्टर से सन्देश प्राप्त करता है और beneficiary के अकाउंट में पैसे क्रेडिट कर देता है। 

NEFT का उपयोग कैसे करें?

एनईएफटी (नेफ्ट) का उपयोग करना बहुत आसान है। इसके लिए आपके पास एक बैंक अकाउंट का होना जरूरी है। एनईएफटी का उपयोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से कर सकते है। इसके अलावा कुछ बैंक ऐसे भी है जो एटीएम के द्वारा भी इस सेवा का उपयोग करके की सुविधा प्रदान करती है। 
ऑनलाइन एनईएफटी के जरिये पैसे ट्रान्सफर करने के लिए आपके बैंक अकाउंट में इन्टरनेट बैंकिंग का activate होना जरूरी है। तो इसके लिए सबसे पहले आप इन्टरनेट बैंकिंग activate कराये। इसके बाद आपको एक यूजरनाम और पासवर्ड प्राप्त होगा, जिसके जरिये आपको इन्टरनेट बैंकिंग में लॉग इन करना है। 
लॉग इन करने के बाद फण्ड ट्रान्सफर वाले विकल्प को चुने और ट्रान्सफर टाइप में NEFT को सेलेक्ट करें। इसके बाद आप जिसे पैसे ट्रान्सफर करना चाहते है उसकी बैंक डिटेल दर्ज करें। जैसे :- बैंक का नाम, खाताधारक का नाम, अकाउंट नंबर, ब्रांच का नाम, अकाउंट टाइप, IFSC Code, आदि। इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें और रजिस्टर्ड नंबर पर भेजे गए OTP को दर्ज करके पैसे ट्रान्सफर कर दें। 
इसके अलावा अगर ऑफलाइन एनईएफटी करना चाहते है, तो इसके लिए आपको अपने बैंक के ब्रांच में जाना होगा। ब्रांच से NEFT फॉर्म प्राप्त करें। उसके बाद फॉर्म में पूछे गए सभी जानकारी, sender बैंक अकाउंट डिटेल्स और receiver बैंक अकाउंट डिटेल्स को भरें। और फिर बैंक में जमा कर दें। जिसके बाद बैंक द्वारा आपके अकाउंट से पैसे डेबिट कर दिए जायेंगे। और रिसीवर के बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जायेंगे। 

NEFT से पैसे कैसे ट्रान्सफर करें?

जैसा कि अभी हमने जाना, NEFT का उपयोग हम दो तरीके से कर सकते है। ऑनलाइन और ऑफलाइन। चलिए अब सीखते है, दोनों तरीकों से पैसे कैसे ट्रान्सफर करते है? निचे हम दोनों तरीकों से पैसे ट्रान्सफर करने का पूरा process step by step बता रहें है। 

Online NEFT से पैसे कैसे ट्रान्सफर करें?

  • ऑनलाइन एनईएफटी करने के लिए आपके बैंक अकाउंट में इन्टरनेट बैंकिंग activate होना जरूरी है। अगर आपके अकाउंट में इन्टरनेट बैंकिंग सर्विस activate नहीं है तो आप ब्रांच जाकर इसे activate करवा सकते है। या ATM कार्ड के द्वारा ऑनलाइन भी इसे activate कर सकते है। 
  • अब अपने बैंक की अधिकारिक वेबसाइट में जाएँ। 
  • इसके बाद इन्टरनेट बैंकिंग विकल्प पर जाएँ और यूजरनाम, पासवर्ड के जरिये लॉग इन करें। 
  • अब Fund Transfer के आप्शन पर क्लिक करें। 
  • और जिसे आप पैसे ट्रान्सफर करना चाहते है, उसे पहले ऐड करें। 
  • Beneficiary Add करने के लिए Add Payee या Add New Beneficiary पर क्लिक करें। 
  • उसके बाद जिसे ऐड करना है, उसकी बैंक जानकारी भरें। जैसे :- बैंक का नाम, खाताधारक का नाम, अकाउंट नंबर, ब्रांच का नाम, अकाउंट टाइप, IFSC Code, आदि।
  • पूछे गए सभी जानकारी भरने के बाद सबमिट पर क्लिक करें। 
  • इसके बाद ऐड किये गए beneficiary को बैंक द्वारा approve होने तक आपको इंतज़ार करना है। इसमें 30 से 40 मिनट लगते है। 
  • Beneficiary ऐड हो जाने के अब फिर से Fund Transfer पर जाएँ, और ट्रान्सफर टाइप में NEFT सेलेक्ट करें। 
  • उसके बाद beneficiary सेलेक्ट करें। 
  • beneficiary सेलेक्ट करने के बाद आप जितना पैसे ट्रान्सफर करना चाहते है, वो पैसे दर्ज करें। 
  • Amount लिखने के बाद Pay, Fund Transfer, या Submit बटन पर क्लिक करें और पैसे ट्रान्सफर कर दें। 
  • इसके बाद beneficiary के अकाउंट में उसके बैंक के batch timing के अनुसार पैसे credit हो जायेंगे। 

Offline NEFT से पैसे कैसे ट्रान्सफर करें?

NEFT के जरिये आप अपने बैंक के ब्रांच में जाकर ऑफलाइन भी पैसे ट्रान्सफर कर सकते है। अगर आपके बैंक अकाउंट में इन्टरनेट बैंकिंग की सुविधा activate नहीं है, तो आप ऑफलाइन भी पैसे आसानी से ट्रान्सफर कर सकते है। चलिए जानते है :
  • ऑफलाइन पैसे ट्रान्सफर करने के लिए सबसे पहले अपने बैंक के ब्रांच में जाएँ। 
  • उसके बाद बैंक से NEFT / RTGS फॉर्म प्राप्त करें। 
  • फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी दर्ज करें। जैसे बैंक का नाम, अकाउंट नंबर, ब्रांच, IFSC कोड, आदि। ये सभी जानकारी आपको फॉर्म में भरना है। 
  • फॉर्म के Beneficiary section में आपको सामने वाले की बैंक जानकारी लिखना है, जिसे आप पैसे ट्रान्सफर करना चाहते है। और जितना पैसे फेजना चाहते है, वो अमाउंट लिखें। 
  • उसके बाद ऊपर NEFT or RTGS का विकल्प मिलेगा, जिसमे आपको NEFT पर tick करना है। 
  • फॉर्म भरने के बाद एक बार सभी जानकारी को Re-Check जरूर करें। 
  • इसके बाद बैंक के अधिकारी या कर्मचारी, जो एनईएफटी करते है, उन्हें फॉर्म जमा कर दें। 
  • जिसके बाद बैंक के अधिकारी आपके सभी जानकारी को वेरीफाई करने के बाद आपके अकाउंट से पैसे डेबिट कर देता है। 
  • और आगे की प्रक्रिया को पूरा करते हुए, beneficiary के अकाउंट में ट्रान्सफर कर देता है। 

NEFT में कितना पैसे ट्रान्सफर कर सकते है? – NEFT Limit

NEFT के माध्यम से पैसे ट्रान्सफर करने का एक लिमिट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार निर्धारित किये गए लिमिट से ज्यादा का फण्ड एक दिन में आप ट्रान्सफर नहीं कर सकते। अगर NEFT के माध्यम से आप पैसे ट्रान्सफर करना चाहते है, तो आपको इस बात का खास ध्यान रखना होगा। 
एनईएफटी के माध्यम से फण्ड ट्रान्सफर करने की लिमिट कम से कम 1 रुपए और ज्यादा से ज्यादा 10 लाख रुपए तक है। यानी एक दिन में आप एनईएफटी के माध्यम से किसी भी अकाउंट में 1 रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक ट्रान्सफर कर सकते है। इससे ज्यादा का ट्रान्सफर आप इसके माध्यम से एक दिन में नहीं कर सकते। 

NEFT के चार्जेज क्या है? – NEFT Charges

जी हाँ, NEFT करने पर बैंक द्वारा कुछ फीस चार्ज किये जाते है। Transaction Fees के रूप में जो पैसे चार्ज किये जाते है, वो अलग-अलग बैंक के अलग-अलग फीस हो सकती है। और यह समय समय पर बैंक द्वारा बदलती भी रहती है। यहाँ हम आपको अप्रैल 2021 की NEFT Transaction Charges बता रहे हैं। आप NEFT करने से पहले एक बार अपने ब्रांच से transaction चार्ज के बारे में जानकारी जरूर कर लें।
Amount Transaction Charge
10,000 तक Rs. 2.50 + GST
10 हजार से 1 लाख तक Rs. 5 + GST
1 लाख से 2 लाख तक Rs. 15 + GST
2 लाख से 10 लाख तक Rs. 25 + GST
नोट :- Transaction Charges अलग-अलग बैंक के अलग-अलग हो सकते है। अधिकतर बैंकों के यही चार्जेज है। जब भी NEFT कराये, तो पहले अपने बैंक के NEFT चार्जेज जरूर चेक कर लें, या ब्रांच में जाकर पता करें। 
difference between imps, neft and rtgs

IMPS और NEFT में अंतर क्या है?

IMPS NEFT
इसका फुल फॉर्म Immediate Payment Service है। इसका फुल फॉर्म National Electronic Fund Transfer होता है।
इसका प्रबंधन NPCI (National Payments Corporation of India) द्वारा किया जाता है। इसका प्रबंधन RBI (Reserve Bank of India) द्वारा किया जाता है।
IMPS को 22 नवम्बर 2010 को लॉन्च किया गया है। NEFT को नवम्बर 2005 में लॉन्च किया गया है।
इसमें Real-Time में फण्ड ट्रान्सफर किये जाते है। इसमें फण्ड ट्रान्सफर होने में 24 से 48 घंटे लग जाते है।
IMPS 24X7, 365 दिन कार्य करता है। इसके जरिये कभी भी पैसे ट्रान्सफर कर सकते है। बैंक की छुट्टी वाले दिन भी यह उपलब्ध है।  NEFT में पैसे ट्रान्सफर करने के लिए समय सीमा निर्धारित है। ऑनलाइन NEFT तो कभी भी, किसी भी समय कर सकते है, मगर पैसे ट्रान्सफर होने का एक समय सीमा निर्धारित हैं।
इसमें 1 रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक प्रतिदिन लेनदेन की सीमा तय की गयी है। इसमें अधिकतम सीमा बैंक द्वारा तय किया जाता है, इसलिए इसकी अधिकतम सीमा अलग-अलग बैंक में अलग-अलग हो सकती है। NEFT में 1 रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक प्रतिदिन लेनदेन की सीमा तय की गयी है।
इसमें पैसे ट्रान्सफर करने के 1 रुपए से 15 रुपए तक चार्जेज लगते है। चार्जेज बैंक द्वारा निर्धारित किया जाता है, इसलिए अलग-अलग बैंक के अलग-अलग चार्जेज हो सकते है।  इसमें पैसे ट्रान्सफर करने के 1 रुपए से 25 रुपए तक चार्जेज लगते है।

NEFT और RTGS में अंतर क्या है?

NEFT RTGS
इसमें 1 रुपए से 10 लाख रुपए तक भेज सकते है। RTGS में 2 लाख से कम पैसे ट्रान्सफर नहीं कर सकते, इसमें कम से कम 2 लाख रुपए या इससे ज्यादा का फण्ड ट्रान्सफर किया जाता है।
इसमें फण्ड ट्रान्सफर होने में यानी transaction complete होने में लगभग 24 घंटे का समय लगता है। इसमें आधे घंटे (30 मिनट) में फण्ड ट्रान्सफर हो जाता है।
यह Hourly Batches पर कार्य करता है। यह Real Time System पर कार्य करता है।
इसमें 10 लाख से ज्यादा फण्ड ट्रान्सफर नहीं कर सकते। इसमें 2 लाख से कम पैसे नहीं भेज सकते।
यह फण्ड ट्रान्सफर करने का एक slow method हैं। यह फण्ड ट्रान्सफर का फ़ास्ट मेथड है।
इसमें transaction चार्जेज RTGS से कम होते है। इसमें transaction चार्जेज NEFT से ज्यादा होते है।
इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीको से पैसे ट्रान्सफर कर सकते है। RTGS में भी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीको से पैसे ट्रान्सफर कर सकते है।
तो दोस्तों, अब आप NEFT के बारे में सब कुछ जान गए होंगे। NEFT क्या है? NEFT कैसे काम करता है? NEFT का फुल फॉर्म क्या है? NEFT का उपयोग कैसे करते है? इसके फायदे और महत्व क्या है, आदि। उम्मीद करता हूँ कि आपको हमारी ये आर्टिकल जरूर पसंद आई होगी। और हमारे द्वारा बताई गयी सभी बाते आपको समझ में भी आ गयी होंगी। 
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